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श्रीमद भगवद गीता अध्याय 6 ध्यान yoga

श्रीमद भगवद गीता अध्याय 6: आत्मसंयम योग सभी 47 श्लोक और हिंदी अर्थ

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  श्रीमद भगवद गीता अध्याय 6 ध्यान योग – सभी 47 श्लोक और हिंदी अर्थ श्रीमद भगवद गीता का छठा अध्याय, जिसे आत्मसंयम योग या ध्यान योग के नाम से जाना जाता है, ध्यान और आत्म-नियंत्रण के महत्व को दर्शाता […]

SRIMAD BHAGWAT GEETA NITI

गीता का उपदेश: कर्म की अनिवार्यता

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  गीता का उपदेश: कर्म की अनिवार्यता GeetaNiti.in – भगवद् गीता की शिक्षाओं का मंच श्लोक ३.५ न हि कश्चित्क्षणमपि जातु तिष्ठत्यकर्मकृत्। कार्यते ह्यवशः कर्म सर्वः प्रकृतिजैर्गुणैः।। हिंदी अनुवाद कोई भी मनुष्य एक क्षण भी कर्म किए बिना नहीं रह

श्रीमद् भगवद्गीता पर 10 महान व्यक्तियों की व्याख्या

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    भगवद्गीता पर 10 महान व्यक्तियों की व्याख्या GeetaNiti.in पर आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भगवद्गीता सनातन धर्म का सार है जिसे विभिन्न संतों, चिंतकों और योगियों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से समझाया है। प्रस्तुत है 10 प्रमुख व्याख्याएं: 1. आदि शंकराचार्य