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चंद्र ग्रहण(Lunar Eclips) 2025 : कब है और टाइमिंग क्या है

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चंद्र ग्रहण 2025 : कब है और टाइमिंग क्या है? Chandra Grahan Live 7 september 2025 : देशभर में आज चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। भारतीय समयानुसार इस चंद्र ग्रहण की शुरुआत रात्रि 9 बजकर 58 मिनट से होगी

कैलाश पर्वत का अलौकिक रहस्य: जानें 12 बातें

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कैलाश मानसरोवर रहस्य: भगवान शंकर का निवास, 12 अद्भुत बातें | GEETANITI धर्म • अध्यात्म !!! कैलाश_मानसरोवर_रहस्य !!! शिवपुराण, स्कंद पुराण, मत्स्य पुराण आदि में वर्णित कैलाश खंड की महिमा और कैलाश-मानसरोवर क्षेत्र से जुड़े 12 रहस्यों का संकलन। #हर_हर_महादेव

श्रीमद् भगवद्गीता अध्याय 8 : अक्षर ब्रह्म योग

श्रीमद् भगवद्गीता अध्याय 8 : अक्षर ब्रह्म योग

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    श्रीमद्भगवद्गीता – अध्याय ८ अक्षरब्रह्मयोग भगवद्गीता का आठवाँ अध्याय ‘अक्षरब्रह्मयोग’ के नाम से जाना जाता है। इस अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को परब्रह्म, आत्मा, समाधि और भगवान के धाम की महिमा के बारे में बताते हैं। इस

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 7: ज्ञान विज्ञान योग

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 7 – सभी श्लोक हिंदी अर्थ सहित | गीता नीति

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    श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 7: ज्ञान विज्ञान योग सभी श्लोक हिन्दी अर्थ सहित श्रीमद्भगवद्गीता के सातवें अध्याय, ज्ञान विज्ञान योग में भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी प्रकृति, माया, और भक्तों के प्रकारों का वर्णन किया है। इस अध्याय में भगवान ने

श्रीमद भगवद गीता अध्याय 6 ध्यान yoga

श्रीमद भगवद गीता अध्याय 6: आत्मसंयम योग सभी 47 श्लोक और हिंदी अर्थ

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  श्रीमद भगवद गीता अध्याय 6 ध्यान योग – सभी 47 श्लोक और हिंदी अर्थ श्रीमद भगवद गीता का छठा अध्याय, जिसे आत्मसंयम योग या ध्यान योग के नाम से जाना जाता है, ध्यान और आत्म-नियंत्रण के महत्व को दर्शाता

SRIMAD BHAGWAT GEETA NITI

गीता का उपदेश: कर्म की अनिवार्यता

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  गीता का उपदेश: कर्म की अनिवार्यता GeetaNiti.in – भगवद् गीता की शिक्षाओं का मंच श्लोक ३.५ न हि कश्चित्क्षणमपि जातु तिष्ठत्यकर्मकृत्। कार्यते ह्यवशः कर्म सर्वः प्रकृतिजैर्गुणैः।। हिंदी अनुवाद कोई भी मनुष्य एक क्षण भी कर्म किए बिना नहीं रह

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 – ज्ञान कर्म संन्यास योग सभी श्लोक और उनके हिंदी अर्थ 

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 – ज्ञान कर्म संन्यास योग सभी श्लोक और उनके हिंदी अर्थ  Read More »

    श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 – ज्ञान कर्म संन्यास योग सभी श्लोक और उनके हिंदी अर्थ      श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 , जिसे ज्ञान कर्म संन्यास योग कहा जाता है, कर्म योग और ज्ञान योग के संतुलन को दर्शाता है।

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 : कर्म योग

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 : कर्म योग श्लोक संस्कृत में और उनके अर्थ हिंदी में

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श्रीमद्भगवद्गीता – अध्याय ३: कर्म योग यहाँ श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 के सभी ४३ श्लोक संस्कृत में और उनके अर्थ हिंदी में प्रस्तुत किए गए हैं। श्लोक १ अर्जुन उवाच: ज्यायसी चेत्कर्मणस्ते मता बुद्धिर्जनार्दन। तत्किं कर्मणि घोरे मां नियोजयसि केशव॥ अर्जुन

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Shiv Panchakshari Stotram (in Hindi)

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  शिव पंचाक्षरी स्तोत्रम शिव पंचाक्षरी स्तोत्रम आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एक पवित्र भक्ति भजन है, जो भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र “नमः शिवाय” पर आधारित है। यह स्तोत्र भगवान शिव की महिमा का गुणगान करता है और उनके आशीर्वाद

SHIV CHALISA FULL

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    श्री शिव चालीसा: भगवान शिव की भक्ति में डूबें, पाठ और अर्थ सहित     श्र शिव चालीसा भगवान शिव की महिमा और कृपा को समर्पित एक शक्तिशाली भक्ति रचना है। यह चालीसा भक्तों के लिए शांति, समृद्धि

ॐ
Tapasyaमन को 5 मिनट शांत करें