भारतीय घर में गीता के साथ बैठकर सम्मानपूर्वक संवाद करते विभिन्न उम्र के लोग

सबको खुश रखते-रखते खुद थक गए? हर बात पर हाँ कहना जरूरी नहीं

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हर बात पर हाँ कहते-कहते अपना काम पीछे छूट जाता है? पढ़िए एक परिचित कहानी, विनम्रता से मना करने के उदाहरण और अपनी जिम्मेदारी पहचानने की बात।

भारतीय घर में गीता के साथ बैठकर सम्मानपूर्वक संवाद करते विभिन्न उम्र के लोग

मन बार-बार भटकता है? गीता की यह बात खुद से नाराज़ होना छुड़ा सकती है

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काम करते हुए मन भटकता है तो खुद को डाँटने से पहले यह पढ़ें। गीता 6.26 से प्रेरित सरल उदाहरण और ध्यान वापस लाने के छोटे कदम।

भारतीय घर में गीता के साथ बैठकर सम्मानपूर्वक संवाद करते विभिन्न उम्र के लोग

वाणी का तप क्या है? गीता 17.15 से सच और सम्मान के साथ बोलना

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वाणी का तप क्या है? गीता 17.15 का सरल भाव और घर, काम व संदेशों में सच, सम्मान और स्पष्टता से बोलने के व्यावहारिक उदाहरण।

भारतीय घर में गीता पढ़ता परिवार और पास रखी साधारण पूजा की थाली

भक्ति और पूजा में अंतर: गीता से रोजमर्रा की सरल समझ

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भक्ति और पूजा में अंतर: गीता से रोजमर्रा की सरल समझ GeetaNiti.in भक्ति और पूजा में अंतर क्या है? पूजा में हम क्या करते हैं, यह दिखाई देता है; भक्ति में उस उपासना का भाव और भगवान के प्रति संबंध

भारतीय घर में कृष्ण की आराधना के लिए रखे पत्ते फूल फल और जल के पास खुली गीता

पत्रं पुष्पं फलं तोयं: गीता 9.26 का अर्थ और अर्पण का भाव

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पत्रं पुष्पं फलं तोयं: गीता 9.26 का अर्थ और अर्पण का भाव GeetaNiti.in भगवद्गीता की पंक्ति पत्रं पुष्पं फलं तोयं सुनते ही पत्ते, फूल, फल और जल का ध्यान आता है। लेकिन इन वस्तुओं के साथ अर्पण का भाव समझना

भारतीय पाठक गीता पढ़ते हुए पास रखी नोटबुक में अपना प्रश्न लिखता हुआ

गीता पढ़ना कैसे शुरू करें? नए पाठक के लिए सरल अध्ययन योजना

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गीता पढ़ना कैसे शुरू करें? नए पाठक के लिए सरल अध्ययन योजना GeetaNiti.in गीता पढ़ने की इच्छा हो तो शुरुआत का सवाल अक्सर यही होता है कि पहले क्या पढ़ें और कठिन शब्दों को कैसे समझें। बहुत बड़ा लक्ष्य बनाने

शांत भारतीय कमरे में साधना की तैयारी करते व्यक्ति के पास रखी माला और गीता

जप और ध्यान की शुरुआत: गीता के संदर्भ और घर में साधना की सरल तैयारी

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जप और ध्यान की शुरुआत: गीता के संदर्भ और घर में साधना की सरल तैयारी GeetaNiti.in जप या ध्यान शुरू करने की इच्छा हो तो कई सवाल सामने आते हैं—कौन सा मंत्र लें, कितना समय रखें और मन भटकने पर

भारतीय घर में गीता के साथ बैठकर सम्मानपूर्वक संवाद करते विभिन्न उम्र के लोग

सत्संग में सवाल कैसे पूछें? गीता के संदर्भ से सीखने और संवाद की समझ

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सत्संग में सवाल कैसे पूछें? गीता के संदर्भ से सीखने और संवाद की समझ GeetaNiti.in सत्संग में सुनते हुए कोई सवाल मन में आ सकता है। कभी शब्द समझ में नहीं आता, कभी बताया उदाहरण अपनी परिस्थिति से अलग लगता

भारतीय घर के आँगन में सम्मानपूर्वक सहायता की वस्तुएँ सौंपते दो लोग और पास रखी गीता

गीता के अनुसार सात्त्विक दान: मदद करें, सम्मान भी बनाए रखें

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गीता के अनुसार सात्त्विक दान: मदद करें, सम्मान भी बनाए रखें किसी की मदद करते समय हम अक्सर सोचते हैं कि क्या और कितना दें। एक सवाल और है—देने का तरीका कैसा हो? ऐसी सहायता जो सामने वाले की जरूरत

कमल सरोवर और कदंब वृक्ष के पास शांत मुद्रा में बैठे श्रीकृष्ण

गीता के अनुसार क्रोध पर नियंत्रण: प्रतिक्रिया से पहले ठहरें

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गीता के अनुसार क्रोध पर नियंत्रण: प्रतिक्रिया से पहले ठहरें किसी संदेश में कठोर शब्द पढ़ते ही जवाब लिख देना आसान है। बाद में लगता है कि बात कही जा सकती थी, लेकिन उस तरीके से नहीं। गीता के अनुसार

ॐ
Tapasyaमन को 5 मिनट शांत करें