Skip to content
GEETANITI.IN A BHAGWATGEETA EXPLAINER

GeetaNiti.in

"गीता से नीति, नीति से जीवन"

  • Home
  • बाल्य दर्शन
  • स्तुति एवं आरती
  • भगवद्गीता मुख्य श्लोक एवं अर्थ
  • ब्लॉग / लेख संग्रह
  • गीता सार/ अष्टादस अध्यायExpand
    • आधुनिक जीवन में गीता
    • नीति वचन एवं जीवन उपदेश
    • पुस्तकें,ऑडियो / वीडियो गैलरी
GEETANITI.IN A BHAGWATGEETA EXPLAINER
GeetaNiti.in
"गीता से नीति, नीति से जीवन"
  • Homepage: GeetanNiti | गीता सार/ अष्टादस अध्याय

    श्रीमद्भगवद्गीता – अध्याय ३: कर्म योग

    ByShubham July 29, 2025August 26, 2025

    श्रीमद्भगवद्गीता – अध्याय ३: कर्म योग यहाँ भगवद्गीता के तृतीय अध्याय के सभी ४३ श्लोक संस्कृत में और उनके अर्थ हिंदी में प्रस्तुत किए गए हैं। श्लोक १ अर्जुन उवाच: ज्यायसी चेत्कर्मणस्ते मता बुद्धिर्जनार्दन। तत्किं कर्मणि घोरे मां नियोजयसि केशव॥ अर्जुन ने कहा: हे जनार्दन! यदि आप बुद्धि को कर्म से श्रेष्ठ मानते हैं, तो…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More श्रीमद्भगवद्गीता – अध्याय ३: कर्म योगContinue

  • Homepage: GeetanNiti

    Shiv Panchakshari Stotram (in Hindi)

    ByShubham July 28, 2025July 28, 2025

      शिव पंचाक्षरी स्तोत्रम शिव पंचाक्षरी स्तोत्रम आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एक पवित्र भक्ति भजन है, जो भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र “नमः शिवाय” पर आधारित है। यह स्तोत्र भगवान शिव की महिमा का गुणगान करता है और उनके आशीर्वाद से मन को शांति, शक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसे नियमित रूप से…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More Shiv Panchakshari Stotram (in Hindi)Continue

  • Homepage: GeetanNiti

    श्री शिव तांडव स्तोत्र: भगवान शिव की महिमा में रचित रावण कृत शक्तिशाली स्तुति

    ByShubham July 28, 2025August 4, 2025

      श्री शिव तांडव स्तोत्र: भगवान शिव की महिमा में रचित रावण कृत शक्तिशाली स्तुति श्री शिव तांडव स्तोत्र भगवान शिव की महिमा और शक्ति को दर्शाने वाली एक अनुपम भक्ति रचना है, जिसे लंकापति रावण ने रचा था। यह स्तोत्र भोलेनाथ के तांडव नृत्य और उनके दिव्य रूप का वर्णन करता है। इसके पाठ…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More श्री शिव तांडव स्तोत्र: भगवान शिव की महिमा में रचित रावण कृत शक्तिशाली स्तुतिContinue

  • Homepage: GeetanNiti

    SHIV CHALISA FULL

    ByShubham July 28, 2025July 28, 2025

        श्री शिव चालीसा: भगवान शिव की भक्ति में डूबें, पाठ और अर्थ सहित     श्र शिव चालीसा भगवान शिव की महिमा और कृपा को समर्पित एक शक्तिशाली भक्ति रचना है। यह चालीसा भक्तों के लिए शांति, समृद्धि और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है। सावन मास और शिवरात्रि जैसे पवित्र अवसरों पर…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More SHIV CHALISA FULLContinue

  • Mahabharat
    Homepage: GeetanNiti | ब्लॉग / लेख संग्रह

    Mahabharat whole story in short

    ByShubham July 25, 2025February 2, 2026

    Mahabharat whole story in short महाभारत की संक्षिप्त  कहानी, पात्र और दर्शन महाभारत क्या है? महाभारत विश्व का सबसे लंबा महाकाव्य और हिंदू धर्म का एक प्रमुख ग्रंथ है, जिसे स्मृति वर्ग में रखा जाता है। यह भारत का धार्मिक, पौराणिक, ऐतिहासिक, और दार्शनिक ग्रंथ है, जिसमें लगभग एक लाख श्लोक हैं। इसे महर्षि वेद…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More Mahabharat whole story in shortContinue

  • Homepage: GeetanNiti

    भगवान श्री कृष्ण चन्द्र का सम्पूर्ण जीवन सार

    ByShubham July 25, 2025August 9, 2025

      श्रीकृष्ण की सम्पूर्ण जीवनी जन्म और प्रारंभिक जीवन श्रीकृष्ण, जिन्हें भगवान विष्णु का आठवां अवतार माना जाता है, का जन्म द्वापर युग में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मथुरा में हुआ था। उनके माता-पिता वसुदेव और देवकी थे, जो मथुरा के यादव वंश से संबंधित थे। उस…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More भगवान श्री कृष्ण चन्द्र का सम्पूर्ण जीवन सारContinue

  • Homepage: GeetanNiti | आधुनिक जीवन में गीता | नीति वचन एवं जीवन उपदेश | ब्लॉग / लेख संग्रह | स्तुति एवं आरती

    निष्काम कर्म का सिद्धांत – भगवद गीता और अन्य ग्रंथों की दृष्टि से

    ByShubham July 25, 2025July 28, 2025

      निष्काम कर्म का सिद्धांत – भगवद गीता और अन्य ग्रंथों की दृष्टि से भगवद गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म करने की प्रेरणा दी, परंतु फल की इच्छा के बिना। इसे ही निष्काम कर्म कहा गया है। कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥– भगवद गीता 2.47 अन्य ग्रंथों में निष्काम कर्म…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More निष्काम कर्म का सिद्धांत – भगवद गीता और अन्य ग्रंथों की दृष्टि सेContinue

  • Homepage: GeetanNiti | भगवद्गीता मुख्य श्लोक एवं अर्थ

    FEATURED DAILY SHLOKA

    ByShubham July 24, 2025

    GeetaNiti.in भगवद गीता से प्रेरणा लें, हर दिन एक नई शुरुआत करें 🌸 Featured Shloka – श्लोक 2.47 🌸 कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥ हिंदी अर्थ: तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल में नहीं। इसलिए कर्म को फल की इच्छा से मत करो और न ही अकर्म में आसक्त हो।…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More FEATURED DAILY SHLOKAContinue

  • Homepage: GeetanNiti | आधुनिक जीवन में गीता | नीति वचन एवं जीवन उपदेश | पुस्तकें,ऑडियो / वीडियो गैलरी | ब्लॉग / लेख संग्रह | स्तुति एवं आरती

    Decode Dharma: learn Sanskrit and Hindi language for scriptures

    ByShubham July 22, 2025August 4, 2025

    Decode Dharma: संस्कृत और हिंदी की मूल बातें गीता, उपनिषद और अन्य शास्त्रों की गहराई को समझें हमारे शुरुआती स्तर के कोर्स के साथ! भगवद्गीता (अध्याय 2, श्लोक 47): कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि।। अर्थ: तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल की चिंता कभी मत कर। न तो फल की…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More Decode Dharma: learn Sanskrit and Hindi language for scripturesContinue

  • Homepage: GeetanNiti | आधुनिक जीवन में गीता | गीता सार/ अष्टादस अध्याय | नीति वचन एवं जीवन उपदेश | ब्लॉग / लेख संग्रह | स्तुति एवं आरती

    श्रीमद् भगवद्गीता पर 10 महान व्यक्तियों की व्याख्या

    ByShubham July 2, 2025July 28, 2025

        भगवद्गीता पर 10 महान व्यक्तियों की व्याख्या GeetaNiti.in पर आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भगवद्गीता सनातन धर्म का सार है जिसे विभिन्न संतों, चिंतकों और योगियों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से समझाया है। प्रस्तुत है 10 प्रमुख व्याख्याएं: 1. आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) अद्वैत वेदांत के प्रवर्तक शंकराचार्य ने गीता को आत्मा और ब्रह्म के एकत्व…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More श्रीमद् भगवद्गीता पर 10 महान व्यक्तियों की व्याख्याContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 2 3 Next PageNext
  • Home
  • Disclaimer
  • Terms and conditions
  • Privacy Policy
  • Cookies Policy
  • About us
  • Contact us

Copyright © 2026 GeetaNiti.in. All Right Reserved. Made with 🧡 and devotion

  • Home
  • बाल्य दर्शन
  • स्तुति एवं आरती
  • भगवद्गीता मुख्य श्लोक एवं अर्थ
  • ब्लॉग / लेख संग्रह
  • गीता सार/ अष्टादस अध्याय
    • आधुनिक जीवन में गीता
    • नीति वचन एवं जीवन उपदेश
    • पुस्तकें,ऑडियो / वीडियो गैलरी
 

Loading Comments...
 

    %d