Skip to content
GEETANITI.IN A BHAGWATGEETA EXPLAINER

GeetaNiti.in

"गीता से नीति, नीति से जीवन"

  • Home
  • बाल्य दर्शन
  • स्तुति एवं आरती
  • भगवद्गीता मुख्य श्लोक एवं अर्थ
  • ब्लॉग / लेख संग्रह
  • गीता सार/ अष्टादस अध्यायExpand
    • आधुनिक जीवन में गीता
    • नीति वचन एवं जीवन उपदेश
    • पुस्तकें,ऑडियो / वीडियो गैलरी
GEETANITI.IN A BHAGWATGEETA EXPLAINER
GeetaNiti.in
"गीता से नीति, नीति से जीवन"
  • Homepage: GeetanNiti

    Shiv Panchakshari Stotram (in Hindi)

    ByShubham July 28, 2025July 28, 2025

      शिव पंचाक्षरी स्तोत्रम शिव पंचाक्षरी स्तोत्रम आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एक पवित्र भक्ति भजन है, जो भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र “नमः शिवाय” पर आधारित है। यह स्तोत्र भगवान शिव की महिमा का गुणगान करता है और उनके आशीर्वाद से मन को शांति, शक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसे नियमित रूप से…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More Shiv Panchakshari Stotram (in Hindi)Continue

  • Mahabharat
    Homepage: GeetanNiti | ब्लॉग / लेख संग्रह

    Mahabharat whole story in short

    ByShubham July 25, 2025February 2, 2026

    Mahabharat whole story in short महाभारत की संक्षिप्त  कहानी, पात्र और दर्शन महाभारत क्या है? महाभारत विश्व का सबसे लंबा महाकाव्य और हिंदू धर्म का एक प्रमुख ग्रंथ है, जिसे स्मृति वर्ग में रखा जाता है। यह भारत का धार्मिक, पौराणिक, ऐतिहासिक, और दार्शनिक ग्रंथ है, जिसमें लगभग एक लाख श्लोक हैं। इसे महर्षि वेद…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More Mahabharat whole story in shortContinue

  • Homepage: GeetanNiti

    श्री हित प्रेमानंद जी महाराज की जीवनी

    ByShubham July 25, 2025August 9, 2025

      श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज की जीवनी जन्म और प्रारंभिक जीवन श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज, जिन्हें उनके भक्त प्रेमानंद जी महाराज के नाम से जानते हैं, का जन्म 30 मार्च 1969 को उत्तर प्रदेश के कानपुर के समीप सरसौल ब्लॉक के आखरी गाँव में एक सात्विक ब्राह्मण परिवार में…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More श्री हित प्रेमानंद जी महाराज की जीवनीContinue

  • Homepage: GeetanNiti

    भगवान श्री कृष्ण चन्द्र का सम्पूर्ण जीवन सार

    ByShubham July 25, 2025August 9, 2025

      श्रीकृष्ण की सम्पूर्ण जीवनी जन्म और प्रारंभिक जीवन श्रीकृष्ण, जिन्हें भगवान विष्णु का आठवां अवतार माना जाता है, का जन्म द्वापर युग में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मथुरा में हुआ था। उनके माता-पिता वसुदेव और देवकी थे, जो मथुरा के यादव वंश से संबंधित थे। उस…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More भगवान श्री कृष्ण चन्द्र का सम्पूर्ण जीवन सारContinue

  • Homepage: GeetanNiti | आधुनिक जीवन में गीता | नीति वचन एवं जीवन उपदेश | ब्लॉग / लेख संग्रह | स्तुति एवं आरती

    निष्काम कर्म का सिद्धांत – भगवद गीता और अन्य ग्रंथों की दृष्टि से

    ByShubham July 25, 2025July 28, 2025

      निष्काम कर्म का सिद्धांत – भगवद गीता और अन्य ग्रंथों की दृष्टि से भगवद गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म करने की प्रेरणा दी, परंतु फल की इच्छा के बिना। इसे ही निष्काम कर्म कहा गया है। कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥– भगवद गीता 2.47 अन्य ग्रंथों में निष्काम कर्म…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More निष्काम कर्म का सिद्धांत – भगवद गीता और अन्य ग्रंथों की दृष्टि सेContinue

  • Homepage: GeetanNiti | भगवद्गीता मुख्य श्लोक एवं अर्थ

    FEATURED DAILY SHLOKA

    ByShubham July 24, 2025

    GeetaNiti.in भगवद गीता से प्रेरणा लें, हर दिन एक नई शुरुआत करें 🌸 Featured Shloka – श्लोक 2.47 🌸 कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥ हिंदी अर्थ: तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल में नहीं। इसलिए कर्म को फल की इच्छा से मत करो और न ही अकर्म में आसक्त हो।…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More FEATURED DAILY SHLOKAContinue

  • Homepage: GeetanNiti | आधुनिक जीवन में गीता | गीता सार/ अष्टादस अध्याय | नीति वचन एवं जीवन उपदेश | ब्लॉग / लेख संग्रह | स्तुति एवं आरती

    श्रीमद् भगवद्गीता पर 10 महान व्यक्तियों की व्याख्या

    ByShubham July 2, 2025July 28, 2025

        भगवद्गीता पर 10 महान व्यक्तियों की व्याख्या GeetaNiti.in पर आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भगवद्गीता सनातन धर्म का सार है जिसे विभिन्न संतों, चिंतकों और योगियों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से समझाया है। प्रस्तुत है 10 प्रमुख व्याख्याएं: 1. आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) अद्वैत वेदांत के प्रवर्तक शंकराचार्य ने गीता को आत्मा और ब्रह्म के एकत्व…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More श्रीमद् भगवद्गीता पर 10 महान व्यक्तियों की व्याख्याContinue

  • Homepage: GeetanNiti | आधुनिक जीवन में गीता | गीता सार/ अष्टादस अध्याय | नीति वचन एवं जीवन उपदेश | ब्लॉग / लेख संग्रह | भगवद्गीता मुख्य श्लोक एवं अर्थ | स्तुति एवं आरती

    Geetaniti: Solution to the confusion through Bhagwat Geeta गीतानीति: भगवद्गीता के माध्यम से भ्रम का समाधान

    ByShubham June 27, 2025July 28, 2025

      जीवन में भ्रम का समाधान: भगवद्गीता की प्रेरणा किं कर्म किमकर्मेति कवयोऽप्यत्र मोहिताः।तत्ते कर्म प्रवक्ष्यामि यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात्॥ अर्थ: कर्म क्या है और अकर्म क्या है, इस विषय में विद्वान भी भ्रमित हो जाते हैं। मैं तुम्हें कर्म का स्वरूप समझाऊंगा, जिसे जानकर तुम अशुभ (भ्रम और बंधन) से मुक्त हो जाओगे। जीवन का महत्वपूर्ण…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More Geetaniti: Solution to the confusion through Bhagwat Geeta गीतानीति: भगवद्गीता के माध्यम से भ्रम का समाधानContinue

  • Homepage: GeetanNiti | गीता सार/ अष्टादस अध्याय | भगवद्गीता मुख्य श्लोक एवं अर्थ

    भगवद्गीता अध्याय 1 : अर्जुन विषाद योग

    ByShubham June 25, 2025July 28, 2025

      श्रीमद्भगवद्गीता – अध्याय 1अर्जुन विषाद योग कुल श्लोक: 47 | अर्थ सहित श्लोक 1 धृतराष्ट्र उवाच |धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः।मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय ॥1॥ अर्थ: धृतराष्ट्र बोले – हे संजय! धर्मभूमि कुरुक्षेत्र में युद्ध की इच्छा से एकत्रित हुए मेरे और पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया? श्लोक 2 सञ्जय उवाच |दृष्ट्वा तु पाण्डवानीकं…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More भगवद्गीता अध्याय 1 : अर्जुन विषाद योगContinue

  • Vibrant depiction of Lord Ganesha statue adorned with gold and bright colors for the Ganesh Chaturthi festival.
    Homepage: GeetanNiti | आधुनिक जीवन में गीता | नीति वचन एवं जीवन उपदेश | ब्लॉग / लेख संग्रह | स्तुति एवं आरती

    🪔 “जब जीवन उलझता है, तब गीता सुलझाती है”✍️Shubhhamm 🌿

    ByShubham June 12, 2025August 9, 2025

    हम सभी की ज़िंदगी में ऐसे पल आते हैं जब सब कुछ धुंधला लगने लगता है। न रिश्तों की समझ होती है, न काम की दिशा, न भावनाओं का उत्तर स्पष्ट होता है।हम भीतर ही भीतर एक असहज युद्ध लड़ते हैं — ठीक वैसे ही जैसे अर्जुन कुरुक्षेत्र में खड़ा था।सवाल अलग हो सकते हैं,…

    Like this:

    Like Loading...

    Read More 🪔 “जब जीवन उलझता है, तब गीता सुलझाती है”✍️Shubhhamm 🌿Continue

  • Home
  • Disclaimer
  • Terms and conditions
  • Privacy Policy
  • Cookies Policy
  • About us
  • Contact us

Copyright © 2026 GeetaNiti.in. All Right Reserved. Made with 🧡 and devotion

  • Home
  • बाल्य दर्शन
  • स्तुति एवं आरती
  • भगवद्गीता मुख्य श्लोक एवं अर्थ
  • ब्लॉग / लेख संग्रह
  • गीता सार/ अष्टादस अध्याय
    • आधुनिक जीवन में गीता
    • नीति वचन एवं जीवन उपदेश
    • पुस्तकें,ऑडियो / वीडियो गैलरी
 

Loading Comments...
 

    %d