गीता का चौथा अध्याय – ज्ञान कर्म संन्यास योग
गीता का चौथा अध्याय – ज्ञान कर्म संन्यास योग श्रीमद्भगवद्गीता का चौथा अध्याय, जिसे ज्ञान कर्म संन्यास योग कहा जाता है, कर्म योग और ज्ञान योग के संतुलन को दर्शाता है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को कर्म के महत्व, ज्ञान की शक्ति और संन्यास के सही स्वरूप को समझाते हैं। नीचे इस अध्याय के…
