Navratri 2026 Dates: चैत्र नवरात्रि कब से कब तक? घटस्थापना मुहूर्त और पूरी जानकारी

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भारत में नवरात्रि का पर्व अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है क्योंकि यह हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है और भक्त पूरे नौ दिनों तक व्रत रखते हैं।

महत्वपूर्ण: चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत मार्च के अंत या अप्रैल के प्रारंभ में होने की संभावना है। सटीक तिथियां पंचांग के अनुसार निर्धारित होती हैं।

Navratri 2026 Dates (तिथियां)

दिन तिथि वार देवी
Day 1 19 मार्च 2026 गुरुवार माँ शैलपुत्री + घटस्थापना
Day 2 20 मार्च 2026 शुक्रवार माँ ब्रह्मचारिणी
Day 3 21 मार्च 2026 शनिवार माँ चंद्रघंटा
Day 4 22 मार्च 2026 रविवार माँ कूष्मांडा
Day 5 23 मार्च 2026 सोमवार माँ स्कंदमाता
Day 6 24 मार्च 2026 मंगलवार माँ कात्यायनी
Day 7 25 मार्च 2026 बुधवार माँ कालरात्रि
Day 8 26 मार्च 2026 गुरुवार महाअष्टमी
Day 9 27 मार्च 2026 शुक्रवार महानवमी
Day 10 28 मार्च 2026 शनिवार राम नवमी

घटस्थापना मुहूर्त (Kalash Sthapana)

  • तारीख: 19 मार्च 2026

  • मुहूर्त (सुबह): लगभग 06:20 AM से 10:15 AM तक

  • अभिजीत मुहूर्त: 11:55 AM – 12:45 PM (यदि सुबह का समय छूट जाए)

घटस्थापना का महत्व

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। इसे कलश स्थापना भी कहा जाता है। यह शुभ मुहूर्त में किया जाता है और पूरे नौ दिनों तक देवी मां की पूजा इसी कलश के सामने की जाती है।

नवरात्रि के नौ दिनों में पूजे जाने वाले देवी के रूप

  • मां शैलपुत्री
  • मां ब्रह्मचारिणी
  • मां चंद्रघंटा
  • मां कूष्मांडा
  • मां स्कंदमाता
  • मां कात्यायनी
  • मां कालरात्रि
  • मां महागौरी
  • मां सिद्धिदात्री

नवरात्रि व्रत नियम

  • सात्विक भोजन का सेवन करें
  • लहसुन-प्याज से परहेज करें
  • दिन में एक बार भोजन करें
  • पूजा और ध्यान करें

कन्या पूजन का महत्व

अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है जिसमें 9 कन्याओं को भोजन कराया जाता है और उन्हें देवी का रूप माना जाता है।

नवरात्रि का धार्मिक महत्व

नवरात्रि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दौरान भक्त मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

नवरात्रि का पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक भी है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना करते हैं और अपने जीवन में सकारात्मकता, शक्ति और समृद्धि की कामना करते हैं। खासतौर पर चैत्र नवरात्रि को नए वर्ष की शुरुआत का संकेत माना जाता है, इसलिए इसे अत्यंत शुभ और फलदायी समय माना जाता है। इस दौरान मंदिरों में विशेष सजावट होती है, भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन किया जाता है, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है।

नवरात्रि के समय व्रत रखने का भी विशेष महत्व होता है। व्रत के माध्यम से न केवल शरीर को शुद्ध किया जाता है, बल्कि मन और आत्मा को भी संतुलित किया जाता है। लोग सात्विक भोजन करते हैं और ध्यान, पूजा तथा मंत्र जाप के माध्यम से अपनी आध्यात्मिक शक्ति को बढ़ाते हैं। यह समय आत्मचिंतन और सकारात्मक बदलाव लाने का भी अवसर प्रदान करता है। बहुत से लोग इन दिनों में नई शुरुआत करते हैं, जैसे नया कार्य आरंभ करना या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना।

इसके अलावा, नवरात्रि महिलाओं के सम्मान और शक्ति का भी प्रतीक है। मां दुर्गा को शक्ति का स्वरूप माना जाता है और यह पर्व समाज में नारी शक्ति के महत्व को दर्शाता है। अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन के माध्यम से छोटी बच्चियों को देवी का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है, जो भारतीय संस्कृति की एक अनूठी परंपरा है। इस प्रकार नवरात्रि केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, ऊर्जा और सकारात्मकता का संगम है, जो हर व्यक्ति के जीवन में नई प्रेरणा और उत्साह भर देता है।

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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

नवरात्रि 2026 कब है?

चैत्र नवरात्रि मार्च-अप्रैल 2026 में मनाई जाएगी।

घटस्थापना कब होती है?

नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना की जाती है।

कन्या पूजन कब किया जाता है?

अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है।

क्या नवरात्रि में व्रत जरूरी है?

यह व्यक्तिगत श्रद्धा पर निर्भर करता है, व्रत रखना अनिवार्य नहीं है।

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