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"गीता से नीति, नीति से जीवन"

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  • आदित्य हृदय स्तोत्र
    स्तुति एवं आरती

    आदित्य हृदय स्तोत्र

    ByShubham September 7, 2025September 15, 2025

    Home › स्तोत्र संग्रह › आदित्य हृदय स्तोत्र 🌞 आदित्य हृदय स्तोत्र (Aditya Hridaya Stotra) आदित्य हृदय स्तोत्र भगवान सूर्य को समर्पित पवित्र स्तोत्र है। रामायण के युद्धकांड में ऋषि अगस्त्य ने भगवान श्रीराम को इसका उपदेश दिया था। इसका पाठ करने से आत्मविश्वास, शक्ति, विजय और आरोग्य की प्राप्ति होती है। Image Source: Pexels…

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  • OM JAI JAGDISH HARE
    स्तुति एवं आरती

    Jai Jagdish Hare Aarti and Puja Vidhi

    ByShubham September 5, 2025September 5, 2025

    Jai Jagdish Hare Aarti and Puja Vidhi GEETANITI.IN Your daily dose of wisdom from the Bhagwat Geeta. Connect with a like-minded community and receive profound teachings and daily insights directly on your phone. Join Our WhatsApp Channel ॐ जय जगदीश हरे आरती और संपूर्ण पूजा विधि भक्ति का दिव्य प्रकाश सनातन धर्म में ‘ॐ जय…

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  • MATA LAXMI JI GEETANITI
    Homepage: GeetanNiti | स्तुति एवं आरती

    माता लक्ष्मी जी की आरती – Om Jai Lakshmi Mata |

    ByShubham August 27, 2025September 7, 2025

    माता लक्ष्मी जी की आरती – Om Jai Lakshmi Mata | Geetaniti.in माता लक्ष्मी जी की आरती – Om Jai Lakshmi Mata मां लक्ष्मी जी की आरती (Om Jai Lakshmi Mata) हिंदू धर्म में धन, समृद्धि, और सुख-शांति की प्राप्ति के लिए अत्यंत चमत्कारिक और पवित्र मानी जाती है। दीपावली, लक्ष्मी पूजन, और दैनिक आरती…

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  • SHREE GANESH JI GEETANITI
    Homepage: GeetanNiti | स्तुति एवं आरती

    श्री गणेश जी की आरती — GeetaNiti.in

    ByShubham August 27, 2025September 8, 2025

    श्री गणेश जी की आरती | Shree Ganesh Ji Ki Aarti श्री गणेश जी की आरती सहज, सरल और SEO-friendly आरती पेज — पाठ बोल्ड में एवं सुनहरे (Golden) स्पर्श के साथ। जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ एकदन्त दयावन्त चार भुजा धारी। माथे पर तिलक सोहे मूसे की…

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  • Aarti Kunj Bihari Ki lyrics
    स्तुति एवं आरती

    Aarti Kunj Bihari Ki lyrics

    ByShubham August 23, 2025August 24, 2025

    Home ›.                                                                      Bhajan & Aarti › Aarti Kunj Bihari Ki आरती कुंज बिहारी की (Aarti Kunj Bihari Ki)      …

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  • श्री गोविंद दामोदर स्तोत्रम्-श्री बिल्व मंगल द्वारा रचित
    Homepage: GeetanNiti | भगवद्गीता मुख्य श्लोक एवं अर्थ | स्तुति एवं आरती

    श्री गोविंद दामोदर स्तोत्रम्-श्री बिल्व मंगल द्वारा रचित

    ByShubham August 21, 2025August 23, 2025

    श्री गोविन्द दामोदर स्तोत्रम् — अर्थ सहित रचयिता: परम्परा में श्री बिल्वमंगल ठाकुर (लीलाशुक) से संबद्ध | पाठ: देवनागरी | सरल हिंदी अर्थ कैसे पढ़ें? हर पद के अंत में आने वाला रिफ्रेन “गोविन्द दामोदर माधवेति।” जिह्वा-स्मरण का निरंतर आग्रह है। “गोविन्द दामोदर स्तोत्र” भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित एक अत्यंत सुंदर स्तोत्र है, जिसे भक्तगण…

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    निष्काम कर्म का सिद्धांत – भगवद गीता और अन्य ग्रंथों की दृष्टि से

    ByShubham July 25, 2025July 28, 2025

      निष्काम कर्म का सिद्धांत – भगवद गीता और अन्य ग्रंथों की दृष्टि से भगवद गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म करने की प्रेरणा दी, परंतु फल की इच्छा के बिना। इसे ही निष्काम कर्म कहा गया है। कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥– भगवद गीता 2.47 अन्य ग्रंथों में निष्काम कर्म…

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    Decode Dharma: learn Sanskrit and Hindi language for scriptures

    ByShubham July 22, 2025August 4, 2025

    Decode Dharma: संस्कृत और हिंदी की मूल बातें गीता, उपनिषद और अन्य शास्त्रों की गहराई को समझें हमारे शुरुआती स्तर के कोर्स के साथ! भगवद्गीता (अध्याय 2, श्लोक 47): कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि।। अर्थ: तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल की चिंता कभी मत कर। न तो फल की…

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    श्रीमद् भगवद्गीता पर 10 महान व्यक्तियों की व्याख्या

    ByShubham July 2, 2025July 28, 2025

        भगवद्गीता पर 10 महान व्यक्तियों की व्याख्या GeetaNiti.in पर आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भगवद्गीता सनातन धर्म का सार है जिसे विभिन्न संतों, चिंतकों और योगियों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से समझाया है। प्रस्तुत है 10 प्रमुख व्याख्याएं: 1. आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) अद्वैत वेदांत के प्रवर्तक शंकराचार्य ने गीता को आत्मा और ब्रह्म के एकत्व…

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    Geetaniti: Solution to the confusion through Bhagwat Geeta गीतानीति: भगवद्गीता के माध्यम से भ्रम का समाधान

    ByShubham June 27, 2025July 28, 2025

      जीवन में भ्रम का समाधान: भगवद्गीता की प्रेरणा किं कर्म किमकर्मेति कवयोऽप्यत्र मोहिताः।तत्ते कर्म प्रवक्ष्यामि यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात्॥ अर्थ: कर्म क्या है और अकर्म क्या है, इस विषय में विद्वान भी भ्रमित हो जाते हैं। मैं तुम्हें कर्म का स्वरूप समझाऊंगा, जिसे जानकर तुम अशुभ (भ्रम और बंधन) से मुक्त हो जाओगे। जीवन का महत्वपूर्ण…

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