श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 : सांख्य योग श्लोक संस्कृत में और उनके अर्थ हिंदी में
श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 : सांख्य योग श्लोक संस्कृत में और उनके अर्थ हिंदी में Read More »
श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 : सांख्य योग यहाँ भगवद्गीता के द्वितीय अध्याय के सभी ७२ श्लोक संस्कृत में और उनके अर्थ हिंदी में प्रस्तुत किए गए हैं। श्लोक १ संजय उवाच:दृष्ट्वा तु पाण्डवानीकं व्यूढं दुर्योधनस्तदा।आचार्यमुपसंगम्य राजा वचनमब्रवीत्॥ संजय ने […]


