खुद पर भरोसा: अपने सबसे अच्छे दोस्त बनो 🦁
गीता 6.58 से 12 साल5 मिनट का पाठ
📖 पहले कहानी सुनो: मीरा की दो आवाज़ें
👧
स्कूल के वार्षिक उत्सव में मीरा को गाना गाना था। मीरा का गला बहुत मीठा था, फिर भी उत्सव से तीन दिन पहले वह रोने जैसी हो गई।
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उसके मन में एक आवाज़ फुसफुसा रही थी: "मुझसे नहीं होगा। मैं गलती कर दूँगी। सब हँसेंगे।" ये आवाज़ जितनी बार आती, मीरा का मन उतना ही बैठ जाता।
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बड़ी दीदी ने रोती हुई मीरा को देखा। "मीरा, हर इंसान के अंदर दो आवाज़ें होती हैं। एक डराने वाली, जो हमें नीचे गिराती है। और एक दोस्त वाली, जो हमें उठाती है। तुम किसकी सुनोगी?"
🤔
मीरा चुप रही। फिर दीदी बोली, "अगर तुम्हारी सहेली डर रही होती, तो तुम उससे क्या कहती?" मीरा ने झट से कहा, "मैं कहती, तुम बहुत अच्छा गाती हो, कोशिश करो!" दीदी मुस्कुराई, "तो वही बात खुद से कहो।"
🦁
उस दिन से मीरा ने नियम बना लिया: जब डराने वाली आवाज़ आती, वह उसे पहचान लेती और दोस्त वाली आवाज़ में जवाब देती, "मैं कोशिश करूँगी, और रोज़ अभ्यास करूँगी।"
🎤
उत्सव के दिन मीरा मंच पर गई। एक जगह उसकी आवाज़ थोड़ी काँपी, पर उसने साँस ली, मुस्कुराई और पूरा गाना गाया। तालियाँ बजीं। मीरा के लिए सबसे बड़ी तालियाँ वो थीं, जो उसके अंदर बजीं।
🕉️ गीता क्या कहती है?
उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत्।
आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मनः॥भगवद्गीता 6.5
आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मनः॥भगवद्गीता 6.5
आसान भाषा में: श्रीकृष्ण कहते हैं कि अपने आपको खुद ही ऊपर उठाओ, खुद को गिरने मत दो। क्योंकि इंसान खुद ही अपना सबसे अच्छा दोस्त होता है, और खुद ही अपना सबसे बड़ा दुश्मन। जब हम खुद को हिम्मत देते हैं, तो हम अपने दोस्त होते हैं। जब हम खुद को डराते और नीचा दिखाते हैं, तो हम अपने ही दुश्मन बन जाते हैं।
खुद के दोस्त बनो 🦁→हिम्मत 💪→कोशिश 👣→आगे बढ़ना 🌟
🌟 इससे हमने क्या सीखा?
- अपने मन की बात सुनो, और पहचानो कि वह डराने वाली है या दोस्त वाली।
- खुद से वही बात कहो जो तुम अपने सबसे अच्छे दोस्त से कहते।
- डर तब भी रहे, तो छोटा-सा कदम उठाओ। हिम्मत कदम उठाने से बढ़ती है।
💪 करके देखो: खुद के दोस्त बनने के तीन मंत्र
1. आवाज़ पहचानो 👂डराने वाली या दोस्त वाली?
2. दोस्त की तरह बोलो 💬"मैं कोशिश करूँगा/करूँगी।"
3. छोटा कदम 👣बस आज का अभ्यास करो।
🐍 डराने वाली आवाज़ को दबाओ और 🦁 दोस्त वाली आवाज़ बनाओ!
हर कार्ड पर क्लिक करके देखो, वह कैसे बदलता है।
हर कार्ड पर क्लिक करके देखो, वह कैसे बदलता है।
पहला कार्ड दबाओ।
🧠 खुद को परखो: 5 सवाल
📓 इस हफ्ते का काम: "आईने वाली बात"
रोज़ सुबह आईने में देखकर खुद से एक अच्छी बात कहो, जैसे "आज मैं पूरी कोशिश करूँगा।" फिर कॉपी में लिखो कि तुम्हारे अंदर की कौन-सी आवाज़ आज ज़्यादा सुनाई दी।
रोज़ सुबह आईने में देखकर खुद से एक अच्छी बात कहो, जैसे "आज मैं पूरी कोशिश करूँगा।" फिर कॉपी में लिखो कि तुम्हारे अंदर की कौन-सी आवाज़ आज ज़्यादा सुनाई दी।
माता-पिता और शिक्षकों के लिए
रात को बच्चे से पूछिए: "आज तुमने खुद से क्या कहा जब कुछ मुश्किल लगा?"बच्चे की तुलना दूसरों से न करें और "तुमसे नहीं होगा" जैसी बात न कहें, क्योंकि बच्चा वही बात अपने अंदर दोहराने लगता है। उसकी कोशिश की तारीफ़ कीजिए, और खुद भी अपनी गलती पर खुद से नरमी से बात कीजिए, ताकि बच्चा देखकर सीखे।
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