📜 राम मंदिर अयोध्या का 500 वर्षीय इतिहास
राम मंदिर अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि पर बना विश्व का सबसे महत्वपूर्ण हिंदू तीर्थस्थल है। यह मंदिर उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में सरयू नदी के तट पर स्थित है।
1528
मुगल सम्राट बाबर के सेनापति मीर बाकी ने राम जन्मभूमि पर मंदिर तोड़कर बाबरी मस्जिद बनाई।
1853-1949
हिंदू-मुस्लिम विवाद। 1949 में राम लला की मूर्ति प्रकट हुई।
1992
6 दिसंबर को कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद ध्वस्त की।
2019
सुप्रीम कोर्ट ने 5 एकड़ भूमि राम मंदिर के लिए दी।
2020
5 अगस्त - PM मोदी ने भूमि पूजन किया।
2024
22 जनवरी - प्राण प्रतिष्ठा पूजा।
यह आधिकारिक राम जन्मभूमि वेबसाइट से सत्यापित जानकारी है।
🏛️ राम मंदिर अयोध्या की भव्य वास्तुकला
राम मंदिर अयोध्या नगara शैली में बना है। यह 360 फीट लंबा, 235 फीट चौड़ा और 161 फीट ऊंचा है।
392
सुगंधित बलुआ पत्थर के खंभे
44
सुगंधित सागवान के दरवाजे
3
मंजिलें (भूकंप प्रतिरोधी)
21,000
वर्ग फीट पूजा स्थल
मुख्य मंदिर में 5 फीट ऊंची राम लला मूर्ति है। नेपाल के गंडकी नदी से लाए गए शालीग्राम शिलाओं से बनी है।
🕐 राम मंदिर अयोध्या दर्शन समय
समय सारणी:
- सुबह: 6:30 AM - 4:00 PM
- शाम: 4:30 PM - 9:30 PM
- मंगलवार: विशेष आरती 7:00 PM
- विशेष दर्शन: VIP Pass ₹200
नोट: त्योहारों पर समय बदल सकता है। 2026 कैलेंडर देखें।
🛣️ राम मंदिर अयोध्या कैसे पहुंचें
- हवाई: अयोध्या महाकांठ एयरपोर्ट (7 किमी)
- रेल: अयोध्या जंक्शन (2 किमी)
- सड़क: लखनऊ से 135 किमी, वाराणसी से 220 किमी
🌟 राम मंदिर अयोध्या का महत्व
राम मंदिर अयोध्या केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। यह 500 वर्षीय संघर्ष का समापन है। विश्व हिंदू परिषद, RSS, BJP के लाखों कारसेवकों का बलिदान है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा की गई। अब करोड़ों भक्त दर्शन के लिए आते हैं।
