!!! कैलाश_मानसरोवर_रहस्य !!!
शिवपुराण, स्कंद पुराण, मत्स्य पुराण आदि में वर्णित कैलाश खंड की महिमा और कैलाश-मानसरोवर क्षेत्र से जुड़े 12 रहस्यों का संकलन। #हर_हर_महादेव
कैलाश-मानसरोवर के 12 रहस्य
1) धरती का केंद्र
कैलाश पर्वत हिमालय के केंद्र में स्थित है और इसे धरती का नाभि स्थान माना जाता है।
2) अलौकिक शक्ति का केंद्र
इसे एक्सिस मुंडी कहा जाता है, जहां आकाश और पृथ्वी का संगम माना गया है।
3) पिरामिडनुमा संरचना
कैलाश पर्वत एक विशाल पिरामिड जैसा दिखाई देता है, जो 100 छोटे पिरामिडों का केंद्र माना जाता है।
4) शिखर पर चढ़ाई निषिद्ध
धार्मिक मान्यता है कि कैलाश शिखर पर किसी भी प्रकार की चढ़ाई निषिद्ध है।
5) दो रहस्यमयी झीलें
मानसरोवर (मीठा पानी, सूर्य के आकार) और राक्षस ताल (खारा पानी, चंद्रमा के आकार)।
6) नदियों का उद्गम
यहाँ से ब्रह्मपुत्र, सिंधु, सतलुज और कर्णाली जैसी महान नदियाँ निकलती हैं।
7) पुण्यात्माओं का निवास
कहा जाता है कि यहाँ केवल पुण्यात्माएँ ही रह सकती हैं और तपस्वियों को दिव्य ऊर्जा का अनुभव होता है।
8) स्वर्ग और मृत्युलोक का संगम
कैलाश पर्वत को स्वर्ग ऊपर और मृत्युलोक नीचे का संगम माना गया है।
9) येति मानव का रहस्य
हिमालयी क्षेत्र में येति (हिम-मानव) की कहानियाँ प्रसिद्ध हैं।
10) कस्तूरी मृग
यह दुर्लभ मृग केवल हिमालयी क्षेत्र में मिलता है और इसकी कस्तूरी बहुत मूल्यवान होती है।
11) डमरू और ‘ॐ’ की ध्वनि
कई यात्री यहाँ निरंतर ‘ॐ’ या डमरू जैसी ध्वनि सुनने का अनुभव बताते हैं।
12) आसमान में रोशनी
कहा जाता है कि कई बार कैलाश पर्वत के ऊपर रहस्यमयी रोशनियाँ चमकती हुई देखी जाती हैं।
#हर_हर_महादेव ❤️🙏🏻
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FAQs
क्या कैलाश पर्वत पर चढ़ाई की जा सकती है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार कैलाश शिखर पर चढ़ाई निषिद्ध है।
मानसरोवर और राक्षस ताल में क्या अंतर है?
मानसरोवर मीठे पानी की झील है जबकि राक्षस ताल खारे पानी की।
क्या येति मानव वास्तव में होता है?
इसके प्रमाण विवादित हैं, किंतु हिमालयी लोककथाओं में इसका उल्लेख मिलता है।
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