🪔 श्रीमद्भगवद्गीता: अध्याय ९ – राजविद्या राजगुह्य योग

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 9 – राजविद्याराजगुह्ययोग

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 9 भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को राजविद्या (सर्वोत्तम ज्ञान) और राजगुह्य (सर्वगोपनीय रहस्य) का उपदेश देते हैं। सभी 42 श्लोक पूर्ण संस्कृत में , हिंदी और English अर्थ सहित।


श्लोक 1

श्रीभगवानुवाच |
इदं तु ते गुह्यतमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे |
ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात् ॥

हिंदी अर्थ: श्रीभगवान बोले—हे अर्जुन! मैं तुम्हें सबसे गोपनीय ज्ञान विज्ञान सहित सुनाता हूँ। इसे जानकर तुम पापों से मुक्त हो जाओगे।

English Meaning: The Supreme Lord said: O Arjuna! Because you are not given to finding fault, I shall tell you this most confidential knowledge with realisation, knowing which you shall be free from evil.

श्लोक 2

राजविद्या राजगुह्यं पवित्रमिदमुत्तमम् |
प्रत्यक्षावगमं धर्म्यं सुसुखं कर्तुमव्ययम् ॥

हिंदी अर्थ: यह राजविद्या, राजगुह्य, अति पवित्र, सर्वोत्तम, प्रत्यक्ष फलदायी, धर्मसम्मत, सुखद और अविनाशी है।

English Meaning: This knowledge is the kingly science, the kingly secret, supremely pure, most excellent, directly realizable, righteous, very easy to practice, and imperishable.

श्लोक 3

अश्रद्दधाने पुरुषा धर्मस्यास्य परन्तप |
अप्राप्य मां निवर्तन्ते मृत्युसंसारवर्त्मनि ॥

हिंदी अर्थ: हे परंतप! श्रद्धारहित पुरुष इस धर्म को पालन न करने से मुझे प्राप्त नहीं कर पाते और मृत्युसंसार में भटकते रहते हैं।

English Meaning: Those who have no faith in this knowledge, O scorcher of foes, do not attain Me but return to the path of birth and death.

श्लोक 4

मया ततमिदं सर्वं जगदव्यक्तमूर्तिना |
मत्स्थानी सर्वभूतानि न चाहं तेष्ववस्थितः ॥

हिंदी अर्थ: अव्यक्त रूप से मैं सम्पूर्ण जगत् को व्याप्त कर रखा है। सभी भूत मुझमें स्थित हैं किन्तु मैं उनमें नहीं।

English Meaning: By My unmanifested form this entire universe is pervaded. All beings dwell in Me, but I do not dwell in them.

श्लोक 5

न च मत्स्थानी भूतानि पश्य मे योगमैश्वरम् |
भूतभृन्न च भूतस्थो ममात्मा भूतभावनः ॥

हिंदी अर्थ: भूत मुझमें स्थित नहीं हैं—मेरा योगमैश्वर्य देखो। मैं भूतों का भरणपोषण करने वाला और भूतों का भावनेवाला हूँ।

English Meaning: Nor do beings exist in Me—behold My divine power! I support all beings but am not contained in them.

श्लोक 6

यथाकाशस्थितो नित्यं वायुः सर्वत्रगो महान् |
तथा सर्वाणि भूतानि मत्स्थानीत्युपधारय ॥

हिंदी अर्थ: जैसे महान् सर्वगामी वायु सदा आकाश में स्थित रहती है, उसी प्रकार सभी भूत मुझमें स्थित हैं—ऐसा समझो।

English Meaning: As the mighty wind, constantly moving everywhere, rests in space, understand that all beings rest in Me.

श्लोक 7

सर्वभूतानि कौन्तेय प्रकृतिं यान्ति मामिकाम् |
कल्पक्षे प्रणष्टानि कल्पादौ विसृजाम्यहम् ॥

हिंदी अर्थ: हे कुन्तीपुत्र! कल्पान्त में सभी भूत मेरी प्रकृति में लीन हो जाते हैं और कल्पारम्भ में मैं उन्हें पुनः उत्पन्न करता हूँ।

English Meaning: O son of Kunti! All beings enter into My prakriti at the end of a kalpa, and I create them again at the beginning.

श्लोक 8

प्रकृतिं स्वामवष्टभ्य विसृजामि पुरुषैः सह |
परः प्रकृत्या नियतं प्रकृत्या करोमि सर्वतः ॥

हिंदी अर्थ: अपनी प्रकृति को अधीनस्थ करके पुरुषों सहित संसार उत्पन्न करता हूँ। प्रकृति के अधीन होकर ही सभी कार्य करता हूँ।

English Meaning: Using My own prakriti, I create again and again the whole creation including the Purushas, all controlled by prakriti.

श्लोक 9

न च मां तानि कर्माणि निबध्नन्ति धनञ्जय |
उदासीनवदासीनमसक्तं तेषु कर्मसु ॥

हिंदी अर्थ: हे धनंजय! ये कर्म मुझे बाँधते नहीं क्योंकि मैं कर्मों में उदासीन की तरह असक्त रहता हूँ।

English Meaning: Acts of creation do not bind Me, O Dhananjaya, because I remain detached from them like one indifferent.

श्लोक 10

मयाध्यक्षेण प्रकृतिः सूयते सचराचरम् |
हेतुनानेन कौन्तेय जगद्विपरिवर्तते ॥

हिंदी अर्थ: हे कुन्तीपुत्र! मेरे अधीन प्रकृति ही चराचर जगत् को उत्पन्न करती है। इसी कारण संसार चक्र चलता है।

English Meaning: Under My direction, prakriti produces beings, both moving and unmoving. The world revolves by this cause.

श्लोक 9.11

अवजानन्ति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रितम् |
परं भावमजानन्तो मम भूतमहेश्वरम् ॥

हिंदी अर्थ: मूर्खजन मुझे मानव शरीर धारण करने वाले को देखकर मेरे परम स्वरूप को नहीं जानते।

English Meaning: Fools deride Me when I descend in human form, ignorant of My transcendental nature as Lord of all beings.

श्लोक 9.12

मोहितं नाभिजानाति लोमद्योनित्वमाश्रितम् |
परं भावमजानन्तः मम भूतमहेश्वरम् ॥

हिंदी अर्थ: मोहित होकर मेरी दिव्यता को नहीं जानते। मायाशक्ति से मोहित हो जाते हैं।

English Meaning: Deluded by My Maya, they do not know My divine nature as the Lord of beings.

श्लोक 9.13

महात्मानस्तु मां पार्थ दैवीं प्रकृतिमाश्रिताः |
भजन्ति त्वां धन्याश्च ते सर्वे ज्ञानविज्ञानवतः ॥

हिंदी अर्थ: हे पार्थ! महात्मा लोग मेरी दैवी प्रकृति को जानकर भक्ति करते हैं।

English Meaning: O Partha! Great souls worship Me, knowing My divine nature, full of knowledge and discrimination.

श्लोक 9.14

अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते |
तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम् ॥

हिंदी अर्थ: अनन्य भक्तों का योग (प्राप्ति) और क्षेम (रक्षा) मैं स्वयं वहन करता हूँ।

English Meaning: To those who worship Me with single-minded devotion, I provide what they lack and preserve what they have.

श्लोक 9.15

ज्ञानयज्ञेन चान्ये यजन्तो मामुपासते |
एकत्वेन पृथक्त्वेन बहुधा विश्वतोमुखम् ॥

हिंदी अर्थ: ज्ञानयज्ञ से अन्य लोग मेरी एकत्व भाव से उपासना करते हैं।

English Meaning: Others worship Me through knowledge sacrifice, seeing Me as one in many, facing all directions.

श्लोक 9.16

अहं क्रतुर्हं यज्ञः स्वधाहमहमौषधम् |
मन्त्रोऽहमहमेवाज्यं तमहं हुतमेव च ॥

हिंदी अर्थ: मैं क्रतु, यज्ञ, स्वधा, औषधि, मंत्र, घृत, अग्नि और हवि हूँ।

English Meaning: I am the Vedic ritual, sacrifice, offered oblation, herb, mantra, clarified butter, fire and offering.

श्लोक 9.17

पिताहमस्य जगतो माता धाता पितामहः |
वेद्यं पवित्रमोङ्कार ऋक्सामयजुरेव च ॥

हिंदी अर्थ: मैं जगत् का पिता, माता, धाता, पितामह, वेद्य, ओम्कार, ऋग्-साम-यजु हूँ।

English Meaning: I am father, mother, sustainer, grandfather of the universe, the knowable, purifier, sacred Om, Rig, Sama, Yajur.

श्लोक 9.18

गतिः भरता प्रभुः साक्षी निवासः शरणं सुहृत् |
प्रभवः प्रलयः स्थानं निधानं बीजमव्ययम् ॥

हिंदी अर्थ: मैं गति, भर्ता, प्रभु, साक्षी, निवास, शरण, सुहृत्, प्रभव, प्रलय, स्थान, निधान, अविनाशी बीज हूँ।

English Meaning: Goal, sustainer, Lord, witness, abode, refuge, friend, origin, dissolution, place, treasury, imperishable seed.

श्लोक 9.19

तपामि अहमहं वायुः सूर्योऽहं पितृभिः प्रपितामहः |
अहं चन्द्रमसि शशी तपामि तपसि तपस्विनामहम् ॥

हिंदी अर्थ: मैं तप, वायु, सूर्य, चन्द्र, तपस्वियों में तप हूँ।

English Meaning: I am heat, wind, fire, moon; of ascetics I am austerity itself.

श्लोक 9.20

ऋग्वेदः सामवेदश्च यजुर्वेदः पुराणम् |
आयुर्वेदश्च ज्ञानं च शास्त्रं चैतत् सर्वं मया ॥

हिंदी अर्थ: वेदों में मैं ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, पुराण, आयुर्वेद और ज्ञान हूँ।

English Meaning: Rig, Sama, Yajur Vedas, Puranas, Ayurveda, all scriptures are from Me.

श्लोक 9.21

अधियज्ञोऽधिदाता च भूतानामविशेषतः |
अध्यात्मं वेदविद्यां च हृदये स्थितं मया ॥

हिंदी अर्थ: मैं अधियज्ञ, अधिदाता, अध्यात्मं और वेदविद्या हूँ।

English Meaning: I am the sacrifice in all sacrifices, the worshipful Lord of all beings, spiritual knowledge in all Vedas.

श्लोक 9.22

इति मां दिवि दिवि यज्ञेन चान्ये यजन्ति |
एकत्वेन पृथक्त्वेन बहुधा विश्वतोमुखम् ॥

हिंदी अर्थ: सभी यज्ञों में मैं ही भोक्ता हूँ।

English Meaning: I am the enjoyer and Lord of all sacrifices; those who know not this fall.

श्लोक 9.23

येऽप्यन्यदेवताभक्ता यजन्ति श्रद्धयान्विताः |
तेऽपि मामेव कौन्तेय यजन्त्यविधिपूर्वकम् ॥

हिंदी अर्थ: अन्य देवताओं के भक्त भी अनजाने में मेरा ही यजन करते हैं।

English Meaning: Even those who worship other gods with faith, worship Me alone indirectly, O son of Kunti.

श्लोक 9.24

अहं हि सर्वयज्ञानां भोक्ता च प्रभुरेव च |
न तु मामभिजानन्ति तत्त्वेनातश्च्यवन्ति ते ॥

हिंदी अर्थ: मैं सभी यज्ञों का भोक्ता और स्वामी हूँ। जो मुझे तत्त्व से नहीं जानते वे पतित होते हैं।

English Meaning: I am the enjoyer and Lord of all sacrifices. Those who know not this in truth fall down.

श्लोक 25

यान्ति देवव्रता देवान्पितॄन्यान्ति पितृव्रताः।
भूतानि यान्ति भूतेज्या यान्ति मद्याजिनोऽपि माम्॥

हिंदी अर्थ: देवताओं के उपासक देवलोक को, पितृव्रत पितृलोक को, भूतपूजक भूतलोक को जाते हैं। मेरे भक्त मुझे ही प्राप्त करते हैं।

English Meaning: Worshippers of gods go to them, ancestor-worshippers to ancestors, ghost-worshippers to ghosts, but My worshippers attain Me.

श्लोक 26

पत्रं पुष्पं फलं तोयं यो मे भक्त्या प्रयच्छति।
तदहं भक्त्युपहृतमश्नामि प्रयतात्मनः॥

हिंदी अर्थ: जो भक्त भक्ति पूर्वक पत्र, पुष्प, फल, जल अर्पण करता है, मैं प्रयत्नशील भक्त से ग्रहण करता हूँ।

English Meaning: If one offers Me with devotion a leaf, flower, fruit or water, I accept it offered with love by the pure-hearted.

श्लोक 27

यत् करोसी यद् अश्वनासि यज् जहोषि ददाशि यत्।
यत् तपस्यसि कौन्तेय तत् कुरुष्व मदर्पणम्॥

हिंदी अर्थ: हे कुन्तीनन्दन! जो कुछ करो, खाओ, हवन करो, दान दो, तप करो—सब मुझे अर्पण करो।

English Meaning: Whatever you do, eat, sacrifice, give, or austerity you perform, O son of Kunti, offer it all to Me.

श्लोक 28

शुभाशुभफलैरेवं मोक्ष्यसेऽकर्मबन्धनैः।
सन्न्यासयोगयुक्तात्मा विमुक्तो मामुपैष्यसि॥

हिंदी अर्थ: इस प्रकार शुभ-अशुभ फल बन्धन से मुक्त हो सन्न्यासयोग में स्थित होकर मुझको प्राप्त होगे।

English Meaning: Thus you shall be freed from the bonds of good and evil karma, united in renunciation yoga, liberated to attain Me.

श्लोक 29

समोऽहं सर्वभूतेषु न मे द्वेष्योस्ति न प्रियः।
ये भजन्ति तु मां भक्त्या मयि ते तेषु चाप्यहम्॥

हिंदी अर्थ: मैं सभी भूतों में समान हूँ, न कोई द्वेष्य, न प्रिय। जो भक्त भक्ति से भजते हैं वे मुझमें और मैं उनमें स्थित हूँ।

English Meaning: I am equally disposed to all living beings; to those who worship Me with devotion, I am in them and they in Me.

श्लोक 30

अपि चेत्सुदुराचारो भजते मामनन्यभाक्।
साधुरेव स मन्वश्च मन्तव्यः सम्यक् पार्थ॥

हिंदी अर्थ: हे पार्थ! यदि दुर्बुद्धि पापी भी अनन्य भक्ति से मेरा भजन करे तो उसे साधु ही मानना चाहिए।

English Meaning: Even if the most sinful worships Me with single-minded devotion, he should be considered saintly, O Partha.

श्लोक 31

क्षिप्रं भवति धर्मात्मा शश्चयं च सुकृतैः।
परं दुष्कृतमाचरन् मां च यजेति निबोध मे॥

हिंदी अर्थ: वह शीघ्र धर्मात्मा बन जाता है और सत्कर्मों से युक्त होकर मेरा भजन करता रहता है।

English Meaning: He quickly becomes righteous and attains eternal peace. Understand it as My promise, O son of Prtha.

श्लोक 32

मां हि पार्थ व्यपाश्रित्य येऽपि स्युः पापयोनयः।
स्त्रियो वैश्यास्तथा शूद्रास्तेऽपि यान्ति पराण गतिम्॥

हिंदी अर्थ: हे पार्थ! स्त्रियः, वैश्य, शूद्र आदि पापयोनि भी मेरी शरण में आकर परम गति को प्राप्त होते हैं।

English Meaning: O son of Prtha, even those born of sinful wombs—women, merchants, and workers—attain the supreme goal.

श्लोक 33

किं पुनर्ब्राह्मणाः पुण्या भक्त्या वाऽर्जुनाश्रिताः।
भवन्ति हि असमर्ताः सर्वे मच्चित्ता मय्यश्रिताः॥

हिंदी अर्थ: तब पुण्यकर्मा ब्राह्मण और क्षत्रिय तो क्या नहीं प्राप्त कर लेंगे जो मेरी शरण में आते हैं।

English Meaning: How much more those holy Brâhmanas and royal sages who take refuge in Me! Know them incapable of falling.

श्लोक 34

मनमनाभक्त श्रद्धायुक्तः यः भक्त्या मां नमस्कुरुति।
स एवायं ममात्मा सततं यतता भजते मां॥

हिंदी अर्थ: मनमन भक्त श्रद्धायुक्त भक्ति से मेरा नमस्कार करे, वह सतत मेरे भजन में लगा रहता है।

English Meaning: Fix your mind on Me, be devoted to Me, worship Me, bow to Me. Thus you shall come even to Me.

श्लोक 35

भक्त्या त्वनन्यया शक्यं अहं त्रैलोक्यं मा गच्छः।
मामेवैष्यसि सत्यं ते प्रतिजाने प्रियः प्रियः॥

हिंदी अर्थ: अनन्य भक्ति से त्रैलोक्य भी प्राप्त कर सकता है। मैं वचन देता हूँ तू मुझे ही प्राप्त होगा।

English Meaning: Through unswerving devotion, you can know Me, see Me, attain Me—My beloved, I promise you this truth.

श्लोक 36

अपि चेत्सुदुराचारो भजते मामनन्यया।
साधुरेव स मन्वश्च मन्तव्यः सम्यक् पार्थ॥

हिंदी अर्थ: हे पार्थ! दुर्गुण युक्त भी अनन्य भक्त साधुरूप हो जाता है।

English Meaning: Even if one of sinful conduct worships Me with exclusive devotion, he must be regarded righteous.

श्लोक 37

क्षिप्रं भवति धर्मात्मा शश्वत् शान्तिः अवाप्नुहात्।
निच्छलतः परं यतः मामेवैष्यसि अर्जुन॥

हिंदी अर्थ: वह शीघ्र धर्मात्मा बनकर शाश्वत शान्ति प्राप्त करता है और मुझको प्राप्त होता है।

English Meaning: Quickly he becomes pious, gains lasting peace. Enter My being, O Arjuna, relinquishing all else.

श्लोक 38

इति ते नातमोहं पार्थ सर्वं ज्ञानावकाशितम्।
सर्वगुह्यतमं भूयः श्रुणु मे परमं वचः॥

हिंदी अर्थ: हे पार्थ! यह सर्वज्ञानावबोधक कहा। अब सर्वगुह्यतम परम वचः सुन।

English Meaning: Thus your delusion is destroyed, O Partha. Hear again My supreme word, most secret of all.

श्लोक 39

भक्त्या मां अभिजानाति यावान्यश्चास्मि तत्त्वतः।
ततो मां तत्त्वतो ज्ञात्वा विशते तदनन्तरम्॥

हिंदी अर्थ: भक्ति से मुझे तत्त्वतः जानता है, तत्त्वज्ञान से परम गति प्राप्त करता है।

English Meaning: Through devotion he knows Me in truth—what and who I am. Having known Me in truth, he enters into Me.

श्लोक 40

अथ चेत्त्वमधमं धर्म्यं न करिष्यसि।
तच्छृणु मां तत्त्वतो ज्ञात्वा विशते तदनन्तरम्॥

हिंदी अर्थ: यदि धर्म का पालन न करे तो भी भक्ति से मुझे जानकर गति प्राप्त करेगा।

English Meaning: Even if you are unwilling to follow righteous duties, still through devotion you shall know Me.

श्लोक 41

यद्यद्विभूतिमत् सत्त्वं श्रीमत्सूर्यतेजसम्।
एवम्भूतं जगन्नाथ मम तेजोऽंशसंनिभम्॥

हिंदी अर्थ: जो भी विभूति युक्त श्रीमान तेजस्वी है, वह मेरे तेज अंश का ही उद्गम है।

English Meaning: Know that whatever of eminence is in the world, it belongs to a fraction of My splendor.

श्लोक 42

अथवा बहुनैतेन किं ज्ञानेन तवार्जुन।
विष्टभ्याहमिदं कृत्स्नेन निमित्तमेकांशेन स्थितः॥

हिंदी अर्थ: हे अर्जुन! इतना विवरण क्यों? एक अंश मात्र से मैं सम्पूर्ण जगत् धारण कर रहा हूँ।

English Meaning: But what need is there, Arjuna, for all this knowledge? With a single fragment of Myself I uphold the universe.

 श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 9 निष्कर्ष:

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 9 (राजविद्या-राजगुह्य योग) हमें ईश्वर की सर्वव्यापकता और अनन्य भक्ति की शक्ति का बोध कराता है। भगवान श्रीकृष्ण इस अध्याय में स्पष्ट करते हैं कि जो भक्त पूर्ण श्रद्धा और निष्काम भाव से उनकी शरण में आता है, वे उसका योग-क्षेम स्वयं वहन करते हैं। यह अध्याय सिखाता है कि आध्यात्मिक ज्ञान ही परम सत्य है और भक्ति का मार्ग सबसे सरल व प्रभावशाली है। यदि आप अपने जीवन में शांति और दिव्यता का अनुभव करना चाहते हैं, तो अध्याय 9 के उपदेशों को आत्मसात करना एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है।

 

 


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